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Krishna

Sunday, March 1, 2020

On - Site SEO

On-Site SEO क्या है, Page Ranking में इसका क्या महत्व है ? 

     
On site SEO of blog post
      
On-Site SEO को हम On-Page SEO भी कहते है। सवाल उठता है, On-Site SEO क्या है? जब हम कोई पोस्ट लिखते है तो हमारा प्रयास होता है, अपने पोस्ट पर जायादा से ज्यादा traffic लाना। इसके लिए हम तरह-तरह के tools का इस्तेमाल करते है। कुछ का इस्तेमाल तो हम पोस्ट लिखने के साथ करते है, जबकि कुछ पोस्ट लिखने के बाद। पोस्ट लिखने के साथ हम जिस टूल्स का इस्तेमाल करते है, (जैसे keywords का सही इस्तेमाल)उसे ऑन-Site SEO कहते है। ऑन-Site SEO में content aur HTML code, दोनों तथ्यों को देखा जाता है। 
On-Site SEO सही रहने पर search engine आपके पोस्ट को सही तरह समझ पाता है कि वास्तव में पोस्ट किस विषय से संबन्धित है। जबतक search engine खुद सही से पोस्ट को नहीं समझेगा, वह पोस्ट को सही visitor तक नहीं पहुचाएगा। 

On-Site SEO सही रहने पर readers को भी पढ़कर समझने में आसानी होती है, ऐसे में वो बार - बार आपके ब्लॉग पर आकार अलग-अलग पोस्ट को पढ़ता है। इसके विपरीत अगर On-Site SEO sahi नहीं है, पढ़ने वाले को आपके पोस्ट में कोई दिलचस्पी नहीं जागेगी, वो दुबारा आपके ब्लॉग पर नहीं आएगा। हो गया आपका सारा काम खराब। 

इस तरह On-Site SEO करने का हमारा अंतिम लक्ष्य होता है पोस्ट को इस तरह सुंदर और आसान बनाना ताकि search engine और reader दोनों को पोस्ट को पढ़ने और समझने में आसानी हो। 

अतः हम कह सकते है कि इसका मकसद :

  •     आसानी से समझना कि पोस्ट किस विषय से संबन्धित है। 
  •           आसानी से समझना कि reader जिस चीज को खोज रहा  
        है क्या ये पोस्ट उस जरूरत को पूरा करता है।
  •     क्या पोस्ट इतना उपयोगी है कि सही से search engine में
        rank कर सके। 
 

On-Site SEO के आवश्यक Elements



On-Site SEO उदाहरण



On-Site SEO करना कोई Rocket science नहीं है। बस थोड़े से ध्यान देकर छोटी-छोटी गलतियों को ढूंढकर उसे ठीक करना होता है, ताकि सबकुछ ठीक-ठाक अवस्था में रहे। 

Page Title और Descriptions

इन शब्दों को आप कई बार सुने होंगे। SEO का यह अहम हिस्सा है। Search Engine का crawler सबसे पहले इसी page title और description को पढ़ता है। 

अगर search engine के crawler को page title और description को पढ़ने में दिक्कत आ रही है इसका मतलब है crawler आपके पोस्ट को इग्नोर करना शुरू करेगा, जो आपके लिए चिंता का विषय होगा। 

Title aur Descriptions को कैसे optimize करे 

 guidelines for blog post उदाहरण

 नियम बहुत ही साधारण है 

  • टाइटल का length ज्यादा से ज्यादा 60 अक्षर तक रखे और description की लंबाई 150 अक्षर तक। 

  • टाइटल और description में कठिन शब्दों का इस्तेमाल बिलकुल न करे। आसान शब्दो का इस्तेमाल करे, ताकि किसी को भी समझ में आ जाय। अपने पोस्ट से संबन्धित शब्दों का इस्तेमाल करे। ऐसा न हो कि आप पोस्ट लिख रहे है आम के बारे में और title दे रहे है सेब। 
 बहुत सारे ऐसे tools है जो आपको title optimization में सहायता करता है, उसी में से एक है semrush. बहुत सारे लोग इसे प्रयोग करते है। 

इसकी प्रक्रिया को ऐसे समझे:

  • आप सोचे कि जब आपको कोई चीज इंटरनेट पर खोजनि होगी तो कैसे लिखोगे 
  • उस प्रश्न को search engine या semrush पर डालकर उसके search volume और difficulty को देखें। साथ में ये भी देखे कि दूसरे लोग आपके प्रश्न के बदले कौन सा keywords प्रयोग कर रहे है। 
  • अपने keywords को Longtail Keywords  में अलग - अलग तरीके से बदले। 
  • उन सारे keywords को उचित तरीके से उचित स्थान पर अपने पोस्ट में प्रयोग करे।

 उदाहरण 

Search Phrase - 'benefit of banana' 

खोजने पर Keyword -  'banana health benefit '

Title - प्रतिदिन केला खाने के 10 आश्चर्यजनक फायदे 

Description -प्रतिदिन केला खाने से कई तरह के शारीरिक फायदे मिलते है। 

H1 (head1 Tag)

एक page के अंदर केवल एक H1(head) होना चाहिए। H2 और H3 आप जितनी बार चाहे प्रयोग कर सकते है। Head1 और page title एक समान ही होते है। थोड़ा फर्क जरूर कर दे। 

Alt text for Images

पोस्ट में image का प्रयोग निश्चित रूप से करे। Image का प्रयोग कैसे करे, यह भी एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। Images का प्रयोग करते समय Alt Text का प्रयोग अवश्य करे। बिना Alt text का image कचरे के अलावा कुछ नहीं है। Alt text अर्थपूर्ण होना चाहिए जो आपके पोस्ट से मिलता- जुलता हो, इससे page ranking में फायदे मिलते है। 

उदाहरण के लिए नीचे जो image का प्रयोग मैंने किया है उसका Alt text रखा है "On-Site SEO Principles"


onsite seo principles उदाहरण

 Internal Links 

On-Site SEO का ये एक अहम हिस्सा है। इसके कई फायदे है। Internal Link Backlink का ही एक हिस्सा है ।

  • जितना ज्यादा link डालेंगे उतना अनुभव बढ़ेगा
  • इसमें किसी प्रकार का risk नहीं है, यानि आपको कोई हानी नहीं होगी। 
  • Internal link जितना ज्यादा होगा search engine को आपके ब्लॉग से उतने ज्यादा पोस्ट को ढूँढने में आसानी होगी। 
  • आपस में जोड़ने से आपको उससे संबन्धित लेख लिखने में आसानी होती है। 
  • यह website bounce rate को कम करता है । 
  • जब कोई reader आपके एक पोस्ट को पढ़ता है उसे दूसरे पोस्ट के बारे में आसानी से जानकारी मिल जाती है।

Accessibility

 इतना सब करने के बावजूद search engine आपके ब्लॉग तक नहीं पहुँच रहा है फिर सब बेकार है।

इसके लिए जरूरी है की आप चेक करें की कहीं आपकी छोटी- मोटी गलतियों के कारण crawler को आपके पोस्ट तक पहुँचने में दिक्कत पैदा कर रहा है। 

URL Inspection Tool उदाहरण

इन कमियों से बचने का उपाय ये है की आप अपने ब्लॉग को Google Search Console पर ragister करे URL Inspection Tool को Run करे। 

इससे आपकी ब्लॉग की कमियों का पता चलेगा, जिसे जल्द से जल्द दूर करे। 


Contents(Saamigri)

आखिरकार ले देकर बात इसी पे आ जाती है आप लिख क्या रहे है, कैसे लिख रहे, आपके पोस्ट का प्रेजेंटेशन कैसा है। आपका content कितना useful है। आपने टूल सारे इस्तेमाल कर लिए, लेकिन content अच्छा नहीं है फिर सब बेकार। इसके लिए ब्लॉग में CMS  एक अहम हिस्सा है। इसको सीखें, समझे फिर इसके हिसाब से content राइटिंग करे। 

अन्य On-Site SEO Factors 

Website Speed
Mobile-friendliness
Well formatted URLs 
Transparency (ब्लॉग किसने लिखा)
Broken Links 

Off-Site SEO क्या है  

Off-site SEO भी SEO का अहम हिस्सा है। 

Off Site SEO उदाहरण  
Off-Site SEO एक तरह से ब्लॉग प्रचार का माध्यम है। इसमे वो सारे उपाय किए जाते है जिससे आपका ब्लॉग ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच सके। 

इसमें मुखय रूप से दोकाम किए जाते है :

  • ब्लॉग का दूसरे ब्लॉग के साथ लिंक करना 
  • Social Media पर प्रचार करना

 

 Link Buildings

Search Engine किसी भी ब्लॉग को algorithm के आधार पर page ranking देता है। जिस ब्लॉग का link जितना ज्यादा रहेगा उसको उतना ज्यादा ranking milegaa . इसका मतलब ये भी नहीं है की ब्लॉग पर किसी भी दूसरे का लिंक डाल दे। अपने ब्लॉग को उसी के साथ link करे, जिसका DA(Domain Authority) अच्छा हो। Low Quality वैबसाइट के साथ link करने पर उल्टा असर पड़ता है और search engine आपके ब्लॉग को ranking से बाहर कर देता है। 

अपने ब्लॉग पर link का इस्तेमाल कैसे करें, इसके लिए इस बात को समझना बहुत जरूरी है की google Link के बारे में क्या कहता है। 

इसका मतलब ये हुआ की आप page पर ranking पाने के मकसद से न तो link खरीदे, बेचे न ही एक दूसरे से आदान-प्रदान करे।  

क्या सावधानी बरते 

बेवजह लिंक के चक्कर में न पड़े (खासकर low quality के)। अपने ब्लॉग पर मेहनत करते रहे। अच्छे - अच्छे पोस्ट लिखते रहे। समय का इंतजार करे, एक वक्त आयेगा जब अच्छे वैबसाइट के मालिक खुद आपसे लिंक के लिए संपर्क करेंगे। 

Link Building का सही तरीका क्या है 

फिर सवाल उठता है Link Building कैसे करे? Content marketting, solid pramotion tactics, guest posting, social marketting जैसे कुछ तरीके है जिसके द्वारा आप link building कर सकते है। 

Content marketting में जहां आप सही तरीके से पोस्ट को publish करते है वहीं promotion tactic आपके पोस्ट को सही लोगों तक पहुंचाता है। एक guest post दश low quality लिंक से बेहतर है। 

Social Media Marketting 

Social Media ब्लॉग का प्रचार करने के लिए एक बेहतर स्थान है। यहाँ लाखों-करोड़ो लोग प्रतिदिन visit करते है, जिसमें हर तरह के लोग होते है। इसके लिए आपको बेहतर plan (Social Media पर प्रचार कैसे करे) के साथ काम करना पड़ेगा। कुछ पैसे खर्च कर लेंगे तो सोने पे सुहागा। 

On-Site Vs Off-Site SEO क्या जरूरी है 

 जितना बिवरण मैंने लिखा हा उससे साफ पता चलता हैकि दोनों जरूरी है। पहले अच्छे पोस्ट लिखकर उसका On-site SEO करे ताकि search engine आपके पोस्ट को optimize करे। 

एकबार जब आपके ब्लॉग पर कुछ अच्छे-अच्छे पोस्ट तैयार हो जाय फिर Off-Site SEO के बारे में सोचे। ये देखें कि आपको अच्छे वैबसाइट से लिंक मिले ताकि page ranking इम्प्रूव हो सके। 


आशा करता हूँ  आपको ये पोस्ट पसंद आया होगा। अगर कोई प्रश्न हो तो comment जरूर करे। अपने दोस्तों को share करें ताकि दूसरे भी लाभ उठा सकें।  
     

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