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Krishna

Saturday, March 7, 2020

SEO Friendly Blog Post Kaise Likhe


SEO Friendly Blog Post/Contents कैसे लिखे- Step by Step Guide 

  Planning SEO Friendly Post Writting


Blogger पर free Blog कैसे बनायें

Keyword Density क्या है

एक सुंदर लेख या पोस्ट लिखना जो पढ़ने वाले और गूगल search engine को भी समझ में आ जाये कोई आसान काम नहीं है। इसमें कोई दो राय नहीं की लिखना एक कला के साथ विज्ञान भी है जिसमें बराबर कुछ न कुछ प्रयोग करते रहना पड़ता है ताकि आप अपने लेखन कला को बेहतर से बेहतर बना सके। ये तभी संभव है जब आप निरंतर प्रयास करते है।


बात जब आती है किसी Blog/Website के लिए पोस्ट लिखने की तो मामला थोड़ा और भी complicated हो जाता है, क्योंकि जब आप किसी ब्लॉग के लिए पोस्ट लिखते है तो आपको SEO Friendly Post लिखना होता है ताकि ये Search Engine में rank कर सके। 

मान लीजिये आप लिखने की कला में माहिर है, contents तो आपका अच्छा है लेकिन SEO Friendly नहीं है, फिर क्या होगा? Search Engine में आपका पोस्ट rank नहीं करेगा, मतलब Reader को ये पोस्ट दिखाई ही नहीं देगा। फिर फायदा क्या हुआ, आपका सारा मेहनत व्यर्थ। 


लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है, SEO Friendly Post बनाना कोई Rocket Science नहीं है। बस थोड़ी सी मेहनत और थोड़ा सा tricks की जरूरत है, जिसको आप कुछ simple step में कर सकते है। 

Post का Title, Blog का Structure, Text Formate, Post Heading, paragraph, Image setting, ये कुछ अहम factors है जो page ranking में मुख्य रोल निभाते है। 

इस पोस्ट में हम 15 steps की चर्चा करेंगे जो पोस्ट को SEO Friendly बनाने में सहायक है। 


SEO Friendly Vs User-Friendly Post  



कोई पोस्ट SEO Friendly तभी होगा जब वो user-friendly भी हो। एक reader को क्या चाहिए, अच्छा contents जिससे वो लाभ उठा सके, साथ में अच्छा presentation ताकि लोगों को पढ़ने में मन लगे। यही बात कुछ-कुछ search engine के साथ लागू होता है। SEO Friendly post होने से search engine आपके पोस्ट को optimize तो कर लेगा, लेकिन अच्छा ranking तभी देगा जब आपका contents भी अच्छा हो। 

SEO Friendly Blog Post लिखने के 15 Tips 

इतना तो आप समझा गए होंगे की पोस्ट को SEO Friendly क्यों होना चाहिए। तो चलिये देखते है किन-किन बिन्दुओं पर गौर करना जरूरी है

1. लिखना आपका शौक है या लोगों से सुनकर कूद पड़े 

ये एक ऐसा point है जिस पर कोई बात नहीं करना चाहता। सब एक ही बात कहते है "Yes You Can"। इसका कारण है कोई आपको demoralize नहीं करना चाहता। अगर आपका शौक है तो ठीक नहीं अगर आप सुनकर ब्लॉगर बनना चाहते है तो एक बार ये realise करके देखें की आपमें Blogger बनने के गुण है की नहीं, अगर नहीं तो एक Blogger के गुण को सीखे। 

2. लिखने से पहले सोचे

मेरा जहां तक सोचना है एक अच्छे writer को एक अच्छा reader भी होना चाहिए। आप जीतने ज्यादा दूसरे के पोस्ट को पढ़ेंगे उतना ही ज्यादा आपको नए टॉपिक कि जानकारी मिलेगी। अपने पसंद के टाइटल को note करते जाये। 

शुरुआत में एक post publishing schedule बनाए, इससे आपको एक ज़िम्मेदारी रहेगी कि मुझे इतने दिनो में इतने पोस्ट को publish कर देना है, वरना आप नए है एक- आध post लिखने के बाद ही ढीले पड़ जाएंगे या आजकल के चक्कर में पड़ जाएंगे। 

इतना सब करने के बाद एकबार अपने लिखें notes पर नजर डाले। जो आसान लगे, एक title को पकड़ ले। अब पोस्ट लिखने से पहले एकबार उस title पे  अच्छी तरह Keyword क्या है SEO के लिए क्यों जरूरी है keyword research करे। ध्यान रहे हर आदमी को लगता है कि मैं सबसे ज्यादा होशियार हूँ और वो keyword रिसर्च को बहुत ही हल्के में लेता है और यही बाद में जाके भारी पड़ जाता है। 

इतना करने के बाद जरा इसपर भी विचार करना है कि:

  • आपके इस पोस्ट का contents कैसा होगा
  • पढ़ने वाले को इससे कितना फायदा होगा 
  • post लिखने का आपका लक्ष्य क्या है: अपना प्रचार करना, subscriber बढ़ाना, blog ranking बढ़ाना 

3. अपने Blog पोस्ट Structure(खाका) बनाएँ 

अगर आप एक professional ब्लॉगिंग करना चाहते है तो post लिखने से पहले ये एक जरूरी काम। 

Structure बनाने का मतलब ब्लॉग के हर हिस्से को अलग-अलग define करना है। इससे आपको ये फायदा होगा कि लिखने में आसानी होगी। हर हिस्से के बारे में 200-300 शब्द लिखना कोई कठिन काम नहीं है और 1000 शब्द का एक post आप आसानी से पूरा कर सकते है। 

Blog लिखने से पहले आप जो पोस्ट पढ़ रहे है उसका मैंने एक structure बनाया है जो नीचे दिया गया है।

seo friendly blog structure Example  
 आम तौर पर एक blog post का तीन part होता है: Introduction (परिचय),  main part (मुख्य हिस्सा), Conclusion (निष्कर्ष)। मुख्य हिस्से को आप अपने जरूरत के हिसाब से अलग-अलग हिस्से में बातें। 

4. Title और URL को सही से तैयार करे 

इसपर Blogger कि राय अलग-अलग है। कुछ लोग पहले structure तैयार करते है फिर title और url सोचते है, जबकि कुछ इसके उल्टा करना पसंद करते है। आपको जैसा पसंद आए वैसा करे लेकिन इसके concept को पहले समझ ले। 


seo guidelines for blog post
एक अच्छा Title लिखना ब्लॉग SEO  और Readers के लिए बहुत ही जरूरी है। Title SEO Friendly होने से search engine को आपका post ढूँढने में आसानी होता है। 

एक अच्छे Title में निम्नलिखित गुण होने चाहिए 
  
  • इसके character  कि लंबाई 50-60 अक्षर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए ताकि SERPS में बिना किसी दिक्कत के दिखाई दे। 
  • Title में अपने keywords को जरूर जोड़े जो आसान होना चाहिए 
  • आपका title ऐसा होना चाहिए कि ब्लॉग content के बारे में पता चल सके 
  • अपने title को आकर्षक बनाए ताकी जब सर्च में visitor को दिखे तो इसपर click करे 


 5. Heading को सुंदर और स्पष्ट रखे 


एक अच्छा heading पूरे पोस्ट का summery बता देता है।



पूरे पोस्ट में केवल एकबार heading (H1) का प्रयोग करे। यह एक तरह से Title के जैसा ही होता है, लेकिन थोड़ा सा अंतर रखते है। 



पूरे पोस्ट में दो-से तीन बार H2 का प्रयोग करे एवं H3 अपने हिसाब से जितनी जरूरत है का प्रयोग करे। 


नीचे दिये गए screen shot से इस बात को समझे

seo optimized headings example


इससे ये होगा कि एक तो reader को आपका पोस्ट पढ़ने में आसानी होगी। आजकल ज़्यादातर reader पूरे पोस्ट को बहुत कम पढ़ते है, खासकर जब post लंबा हो। वो heading पढ़ते हुए आगे बढ़ते हैं। दूसरा search engine को optimize करने में आसानी होती है । 


6. अपने paragraph को छोटा रखें 


ऐसा कभी न करे कि आपने post लिखना शुरू किया और एक ही paragraph में खत्म कर दिया। कई बार reader आपके पोस्ट को टुकड़ों में पढ़ते है, क्योंकि उनके पास एकसाथ लंबा पोस्ट पढ़ने का समय नहीं है। एक पैराग्राफ में 4-5 sentence से ज्यादा नहीं रखे। जहां जरूरत है Bold, Italic, Underline का प्रयोग जरूर करें। 



7. Internal Link और No-follow link जोड़े 


जब कभी कोई नया पोस्ट लिखे, उसे पुराने पोस्ट से जरूर लिंक करें। इसके कई फायदे है। Internal Link SEO में Backlink के फायदे से SEO में कई फायदे मिलते है। 



  • इससे search engine को ये समझने में आसानी होता है कि आपके ब्लॉग में क्या-क्या उपलब्ध है, या यू कहे कि search engine कि नजर में आपके ब्लॉग में इस पोस्ट के अलावे भी contents उपलब्ध है। Link में Anchor Text का प्रयोग करें। 
  • अगर आपके पोस्ट में कोई No-follow Link नहीं है, search engine का crawler अपने पास इस बात को index कर लेता है जिसका पूरा असर पोस्ट के page ranking पर पड़ता है । 
  • जब कोई reader आपके एक पोस्ट को पढ़ता है साथ में उसको दूसरे post कि जानकारी मिल जाती है, परिणाम स्वरूप वो ज्यादा वक्त आपके ब्लॉग पर आता है  जो आपका मकसद है। 

कुछ लोगों का मत है कि ज्यादा link डालने से search engine पोस्ट को rank से बाहर कर देता है। घबराएँ नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। उदाहरण के लिए wikipedia के page को देखे, कितना लिंक है 



 wikipedia use of internal links


 8. Keywords का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करे 


जितना जरूरी post के लिए keywords को तलाशना है उतना ही जरूरी ये समझना है कि इसका प्रयोग कहाँ और कितना किया जाय। जहां - तहां इसका इस्तेमाल बिलकुल भी न करें।



एक आम मान्यता हा कि 1000 words पे 3 से 5 बार प्रयोग करें। कहाँ-कहाँ प्रयोग करना है :



  • Post Title में 
  • Post heading में
  • Post के contents के बीच 
  • अंत में conclusion के अंडर

SEM Rush Keyword Tool

Keywords stuffing और बार-बार प्रयोग करने से बचने का उपाय ये है कि आप google keyword tool या SEMRUSH का इस्तेमाल करें । यहाँ आपको keywords से मिलता-जुलता words मिल जाएगा, जिसका इस्तेमाल आप जरूरत के हिसाब से कर सकते है। 


9. Blog Post कि लंबाई पर ध्यान दे। 


ये एक विचारणीय प्रश्न है कि पोस्ट में कितना words होना चाहिए। कोई कहता है 500, कोई 1000 और कोई 2000 words. इसको थोड़ा समझने कि जरूरत है। 



आपके पोस्ट पे कोई time-pass करने नहीं आता बल्कि जानकारी लेने आता है। अब अगर कोई post आप 300-400 शब्दों में लिखते है तो क्या जानकारी दे पाएंगे? 200-300 शब्द में introduction निकल जाएगा। निश्चित रूप से पोस्ट जितना लंबा होगा, जानकारी उतनी विस्तृत होगी ।



Search engine भी लंबे post को ज्यादा रंकिंग देता है। पोस्ट जितना लंबा होगा उतने ही जगह internal link के chance बनेंगे, जिसके फायदे कि चर्चा हम ऊपर कर चुके है। 

इसका ये भी मतलब नहीं की, नहीं समझ में आए फिर भी कुछ भी लिखते चले जाये। आप पोस्ट की लंबाई के चक्कर में contents को खराब कर देंगे तो फायदा के जगह पर उल्टा नुकसान हो जाएगा। 

इसको समझने का एक अच्छा उपाय ये है कि अपने keyword से संबन्धित post गूगल में search कर शुरुआती 5-10 लेखों को पढे, खुद व खुद समझ जाएंगे। 


10. Meta Description Post के अनुकूल लिखें 

ये भी post का अहम हिस्सा है। SEO में इसका अहम role है। Search Engine Post title के बाद search करते समय इसी हिस्से को पढ़ता है। description का अर्थ होता है विवरण। 

ये विवरण के साथ-साथ post summery भी है जो search result में post URL के नीचे दिखाई देता है। search करने पर search result में बहुत सारे page खुलते है, लेकिन reader एक-दो page पर क्लिक कर पढ़ता है। Reader किसको पढ़ेगा? 

कोई भी reader पोस्ट पर क्लिक करने से पहले description को ही पढ़ते है, इसलिए Post description लिखते समय खास ध्यान रखे। 

Description में बताएं कि आपका postकिससे संबन्धित है और इससे reader क्या जान पाएगा। इसकी लंबाई 150-60 शब्दों के बीच रखे। 

नीचे कुछ post description के उदाहरण दिये गए है

optimized meta descriptions example

 

11. Images और Video का प्रयोग करे 

पोस्ट के अनुकूल एक अच्छा इमेज 100 शब्दों के बराबर होता है। Images, graph, infographic, video, statics ये कुछ वो elements है जो आपके पोस्ट को चार चंद लगा देते है और आपका पोस्ट पढ़ने वालो के लिए interesting बन जाता है। 

इन elements का पोस्ट SEO में भी अहम रोल है। इसलिए किसी image को कहीं से उठाकर चिपका देंगे इससे कुछ नहीं होने वाला। Reader को तो दिखाई दे देगा लेकिन search engine नहीं पढ़ पाएगा। इसके लिए जरूरी है कि Alt txt का उपयोग करे। Image के properties में जाकर Image title और Alt txt में keywords का इस्तेमाल करे। 

12. Update करते रहें 

बहुत सारे लोग दो-चार पोस्ट लिखकर भूल जाते है। परिणाम होता है ऐसे ब्लॉगर को reader के साथ search engine भी भूल जाता है। ऐसी गलती कभी न करे। सप्ताह में कम से कम एक पोस्ट जरूर लिखे। कुछ समय पर पुराने post को update करते रहे।

बराबर update करने से search engine समझता है कि आप active है वर्ना अगर आपने कुछ दिन छोड़ दिया तो search engine समझता है कि आपने मैदान छोड़ दिया है, परिणाम होता है आपका post search में आना बंद हो जाता है।


इसके अलावे भी कई कारण है जिसके लिए post को update करना जरूरी हो जाता है: 


  • इससे ब्लॉग में page कि संख्या बढ़ती जाती है और आपका blog strong होता होता जाता है, जिससे page ranking में फायदा मिलता है 
  • अपने reader के साथ जुड़े रहने का मौका मिल जाता है 
  • Reader आपके post पर बार-बार आते है 
  • यहाँ भी आपके competitor है, डटे रहे 
  • आप जितना अधिक लिखेंगे, हुनर उतना बढ़ेगा


google guidelines on fresh content


13. Post Review करे 

सबकुछ आपने कर लिया, अब आप post publish करने कि तैयारी में हैं, लेकिन एक मिनट रुकिए। क्या आपने पूरे पोस्ट को एक बार check कर लिया है, अगर हाँ तो ठीक नहीं शांत मन से एकबार पूरे पोस्ट को पढे। कई सारी छोटी-मोती गलतियाँ मिलेगी, इससे reader के पास bad impression जाता है। 

अगर कोई कमी मिलती है तो उसको ठीक करें। अच्छा होगा किसी दूसरे को post पढ़ने को दे, वो आपको बेहतर comment देगा।

14. Post Publish करें 

बातें बहुत हो गई। जब आपने सोच लिया है, ज्यादा सोच - विचार न करें। Post को Publish करे। हम आशावादी लोग है कर्म से साथ भाग्य को भी मानते है। क्या पता कल आपका हो?

15. Traffic का इंतजार करे 

क्या post पब्लिश करने के बाद प्रतिदिन traffic check कर रहे है। न करें, अगला post लिखें. कुछ समय बीतने के साथ traffic आना शुरू हो जाएगा। इंतजार करे, समय सबसे बड़ा बलवान है।

निष्कर्ष 

Post लिखने से पहले थोड़ा पढ़कर सीखें ।  स्पष्ट तौर पर निर्णय बनाएँ कि क्या लिखना है, किसके लिए लिखना है, पढ़ने वाले को क्या फायदा होगा 

ऊपर दिये निर्देशानुसार SEO Guideline को follow करें। अच्छा होगा अगर नए है तो पहले SEO करना सीखें। 

आशा करता हूँ post पसंद आया होगा और आप इससे लाभान्वित होंगे। comment और share जरूर करें ताकि दूसरे भी लाभ उठा सकें। किसी तरह के विचार का स्वागत है। 



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