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Krishna

Friday, March 27, 2020

single niche vs multy niche blogging

Single Topic vs Multi Topic Blogging पैसा कमाने के लिए कौन सा अच्छा है और क्यों ?

single vs multi

पहली बात तो इस concept को सही से समझना बहुत ही जरूरी है कि Blog, Blogger और Blogging क्या है ? दूसरी चीज जो समझने ने जरूरत है, Blogging आप क्यों करना चाहते है? किसी से सुनी - सुनाई बातों पे या आपका अपना decision है। 

Single Topic vs Multi Topic blog एक ऐसा प्रश्न है जहां आकर अक्सर नए लोग जो blogging के बारे में सोच रहे है, फस जाते है। 

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सबसे पहले तो ये समझने कि चीज है कि ये blogging concept ही हमारा अपना नहीं है। इसलिए इस concept के अंदर आने वाले terms को समझने में confuse होना स्वाभाविक है। 

Blogging शुरू करने वाले 90% लोग असफल हो जाते है, वो concept को सही से समझ नहीं पाते और इस over confident के साथ कि मै तो सब जानता हूँ जैसे- तैसे ब्लॉगिंग शुरू कर देते है। परिणाम क्या होता है? 8-10 पोस्ट लिखने के बाद ही वो अटक जाते है। 

अगर आपने ये समझ लिया है कि blogging क्या है और blogging क्यों करना चाहते है फिर ये समझने कि कोशिश करते है कि Single Topic blogging करे या Multi Topic. 
 
पहले हम ये समझेंगे कि Single Topic और Multi topic ब्लॉगिंग क्या है

Single Topic या Niche Blogging क्या है 

single niche image

कोई भी एक topic जैसे  शिक्षा, स्वास्थ, खेल, फोटोग्राफी, योगा, ब्यूटी ऐसे सैकड़ो टॉपिक है जिसपर blog लिखे पढे  जाते है। इसमें से किसी भी एक विषय पर ब्लॉगिंग किया जाता है तो उसे single टॉपिक ब्लॉगिंग कहते है। 

Single Topic Blogging के फायदे और नुकसान

इस तरह के ब्लॉगिंग के फायदे ही फायदे है। नुकसान न के बराबर है, अगर traffic के लिहाज से कुछ कुछ नुकसान दिखता है तो वो बाहरी स्तर पर है। सही से गुना-भाग करेंगे तो traffic के लिहाज से भी फायदे ही है। 

Single Topic Blogging के फायदे 

  • Page Ranking में फायदे 
  • Subscription में फायदे 
  • Income source ज्यादा 
  • Adsense Approval मे आसानी 

 Page Ranking में फायदे 

Blogging के शुरुआती समय में blogger अपने ब्लॉग पर कोई भी पोस्ट दाल देते थे उनका पोस्ट Rank कर जाता था, क्योंकि उस समय इंटरनेट पर contents का अभाव था। जैसे - जैसे वक्त बिता internet पर contents का भरमार होता गया, वैसे-वैसे google का algorithm बदलता गया ।

वर्तमान समय में search engine का crawler किसी पोस्ट को खोजने के लिए Single Topic blog को first priority देता है।

मान लीजिये आप search engine में लिखते JEE Main कि तैयारी कैसे करे। Google हजारो result आपके सामने रख देगा। अब हजारो result तो एक page पर आएंगे नहीं। एक page पर मुस्किल से 15-20 result आता है, ऐसे में Google सभी result को सैकड़ो-हजारो पेज में दिखाता। 

कोई भी व्यक्ति result के एक - दो page पर आनेवाले site को ही open करता है। इस तरह आप समझ सकते है कि Single Topic blog को सर्च के मामले में ज्यादा फायदे है। 

Subscription में फायदे 

 जब आप किसी एक topic को लेकर blogging करते है तो उसपर आनेवाले visitor भी खास होते है। ऐसे site पर वही visitor आते है जिनका जरूरत ऐसे टॉपिक से हो। ऐसे में वो बार-बार आते है ज्यादा वक्त आपके ब्लॉग बिताते है। साथ ही serious readers आपके ब्लॉग को subscribe करते है ताकि जब कभी आप नया post लिखते है readers को notification मिल जाता है। ऐसे blog के readers आपके बड़े प्रचारक होते है। वो आपके ब्लॉग को दूसरे के साथ share करते है। 

Income Source ज्यादा 

चुकि इस तरह के blog पर visitors permanent होते है, ज्यादा वक्त बिताते है, bounce rate कम होता है, ऐसे में site का CPC ज्यादा होता है। readers का एक तरह का लगाव हो जाता है जिसका फायदा आपको affiliate marketing मे होता है। आपमें हुनर है, सही से मेहनत करते है, धर्य रखते है तो समय आने पर income भी होगा । 

Adsense Approval में फायदे 

 Adsense ऐसे sites को ज्यादा महत्व देता है, इसलिए ऐसे approval में कोई परेसानी नहीं होती। 

Single Topic Blog के नुकसान 

 एक Multi Topic blog पर बीसियों topics से related post होते है। जिसके कारण कुल traffic Single Topic ब्लॉग से ज्यादा होता है। लेकिन तुलनात्मक अध्ययन करेंगे तो पाएंगे कि हर तरह से फायदे है। 

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Multi Topic Blog के फायदे और नुकसान 

Multi niche blog image

इस तरह का ब्लॉग मुख्यरूप से news agency चलाती है, अथवा वो व्यक्ति जो बड़े स्तर पर पैसा invest कर एक team के साथ काम करती है। एक multi  topic ब्लॉग को सही से monetize होने के लिए कम से कम 500 पोस्ट चाहिए। ब्लॉग चलाने का मतलब ये नहीं कि post लिख दिया और हो गया, उसको समय - समय पर update करना पड़ता है। Readers को reply करना पड़ता है, साथ ही नए - नए ब्लॉग post भी लिखना पड़ता है, इतना काम कोई एक व्यक्ति नहीं कर सकता। 

Quality contents का अभाव

कोई एक व्यक्ति एक या दो विषय का मास्टर हो सकता है अनेक विषय का नहीं। अगर एक व्यक्ति अकेला multi topic blog पर काम करेगा तो स्वाभाविक होगा contents कि quality अच्छी नहीं होगी, परिणाम स्वरूप readers एक बार आएगा, दोबारा नहीं। 

Subscription का अभाव 
इस तरह के sites के readers लंबे समय तक जुड़ के नहीं रहते। जरूरी नहीं एकबार जो आएगा दुबारा आ ही जाय, यही कारण है subscription rate कम होता और bounce rate ज्यादा। मान ले मैंने एक blog को subscribe किया, आज का yoga का post पढ़कर। कल मेरे पास notification आता है board exam par पोस्ट पढ़ने के लिए और परसो cricket मैच के लिए, जिससे मेरा न तो कोई सरोकार है न interest. मै ऐसे sites को क्यों subscribe करके रखूँगा।

Income के लिए कडा संघर्ष 
Income के लिए कड़ी मेहनत, अच्छी team चाहिए। Traffic के लिए ज्यादा मात्रा में पोस्ट चाहिए। मोटे तौरपड़ एक कंपनी के हिसाब से चलाना चाहते है तो ठीक है। 

Adsense  कि कमी

Adsense approval मिल भी जाय तो monetize होने में वक्त लगता है क्योंकि temporary visitors से कमाई का कोई जरिया नहीं होता। किसी भी कंपनी का मालिक अपने product के advertisement के लिए single topic ब्लॉग को ज्यादा पसंद करता है। 

मान लीजिये मै एक single niche blog मेंन केवल नए-नए mobile के बारे मे लिखता हूँ। आप एक multi topic ब्लॉग पर दश तरह के पोस्ट लिखते है। आपके ब्लॉग पर 50000 visitors कि monthly traffic है और मेरे blog पर 20000 visitors कि monthly traffic। अब एक mobile company अपने product ad देने के लिए किसको पसंद करेगा? निश्चित रूप से मेरे ब्लॉग को, क्योंकि उनको पता है मेरे ब्लॉग पर visitors genuine है। यहाँ से उनके mobile बिकने के चांके ज्यादा है।



क्या करें क्या न करे 

इतना सब लिखने-पढ़ने के बाद ये प्रश्न उठता है कि Single Topic और Multiple Topic में से ब्लॉग शुरू करने के लिए क्या बेहतर है?
सही मायने में देखा जाय तो इस प्रश्न का जबाब ऊपर निकाल गया है। लेकिन कुछ लोग भ्रम में रहते है। पहली बात तो कुछ लोगो में पैसे कमाने कि आपा- धापी मची रहती है। वे सुनी - सुनाई बातों पर विश्वास कर कुछ भी, कैसे भी लिखना शुरू कर देते है ताकि जल्दी- जल्दी पैसे आना शुरू हो जाय। यही वह गलती कर बैठते है। 

कुछ लोगो का ऐसा सोच होता है कि मै fitness पर भी लिख सकता हूँ, क्रिकेट तो मेरा hobby है, मुझे खाना भी बनाना आता है तो Recipe  
 के बारे में लिख सकता हूँ और न जाने क्या- क्या। 

इसको समझने का सही तरीका है एक notebook ले, अलग - अलग page पर post का heading नंबर से लिखे। मान लीजिये आपको लगता है आप पाँच तरह के टॉपिक पर अच्छे से post लिख सकते है तो सभी topic प्रश्न create करे। 

मुझे पूरा विश्वास है 10-10 प्रश्न लिखते-लिखते आपकी कलम रुक जाएगी। किसी टॉपिक पर आप 8 प्रश्न लिख पाएंगे, किसी पर दश और किसी पर पंद्रह। कुल मिलाकर 50-60 keywords पर आप पोस्ट लिख सकते है जो कि Multi Topic ब्लॉग के लिए कुछ भी नहीं है। इससे आपको ये पता चल जाएगा इन सब में आपका सबसे strong टॉपिक कौन सा है। 

सबसे बेहतर तरीका क्या है 

यहाँ तक पहुँचते-पहुँचते आपको इतना तो पता चल गया कि आपका सबसे स्ट्रॉंग टॉपिक कौन सा है। उन topic से एक sub category उठाइये। मान लीजिये आपने सबसे ज्यादा शिक्षा पर प्रश्न लिखे है। शिक्षा पर बीसियों sub category जय board exam कि तैयारी, banking तैयारी, UPSC कि तैयारी हो सकते है। किसी एक एक sub category को लेकर keyword research करें। 

एक sub category पर 20-30 post लिखने के बाद दूसरा sub category उसी तरह keyword research करे और पोस्ट लिखे। इस तरह आप एक topic पर 100 से ज्यादा पोस्ट लिखने में सफल हो जाएंगे। 

यहाँ तक पहुँचते-पहुँचते आपके ब्लॉग पर ट्रेफिक भी आना शुरू हो जाएगा और अगर आपने ईमानदारी पूर्वक मेहनत किया है, आपके ब्लॉग पर contents अच्छे है आप कुछ न कुछ पैसे भी कमाना शुरू कर देंगे। 

फिर आप खुद इस लायक हो जाएंगे कि निर्णय ले सके, मुझे इसी ब्लॉग पर दूसरा टॉपिक शुरू करना चाहिए या अलग से दूसरा ब्लॉग शुरू करना चाहिए।

आशा है ये पोस्ट आपको पसंद आया होगा। किसी भी तरह के विचार का स्वागत है। 


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