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Krishna

Saturday, April 18, 2020

black hat seo kya hai vs white hat seo

Black Hat SEO Vs White Hat क्या है 

black hat vs white hat SEO


जब आप blogging के क्षेत्र में प्रवेश करते है तो आपको बहुत सारे नये- नये शब्द सुनने को मिलता है, इसका मुख्य कारण है कि इस blogging terms के बारे में कभी पहले पढ़ने - सुनने का मौका नहीं मिलता। 

जब आप blogging के बारे में पढ़ना - समझना शुरू किए होंगे तो आपने SEO के बारे में जरूर पढ़ा होगा। मुझे विश्वास है कि आप ये समझ गए होंगे SEO क्या है  SEO क्यों करते  इसको करने का  क्या तरीका है। 

Black Hat SEO के बारे में जानने से पहले एक बार SEO कि संक्षिप्त चर्चा जरूरी है क्योंकि इसके बिना Black Hat SEO के concept को समझना संभव नहीं है। 

जैसे आप कोई नया दुकान शुरू करते है तो ग्राहक को आकर्षित करने के लिए कई तरह के उपाय करते है। इसमें दुकान कि सजावट से लेकर आपके द्वारा बेचे जाने वाले प्रॉडक्ट कि quality तक हो सकते है। 

इसी प्रकार जब भी हम कोई website या blog बनाते है तो ब्लॉग बनाने से लेकर पोस्ट publish करने तक हमें वो उपाय करने होते है ताकि हमारा site  Google के search result में आ सके। जबतक site search result में नहीं आयेगा या कहें page rank नहीं करेगा तबतक site पर visitors नहीं आएंगे, जो कि हमारा मुख्य मकसद होता है। 

अपने post को page ranking में लाने के लिए हम तरह-तरह के उपाय करते हैं जिसको Web world में SEO कहते है। SEO जिसका full form होता है Search Engine Optimization. Search engine जिसके द्वारा हम कुछ internet पर ढूंढते है। Optimization यानि अपने site या blog को search engine के अनुकूल बनाने का काम site owner करते हैं ताकि post search result में rank कर सके। 

Black Hat SEO क्या है ?

जब आप SEO समझ गए तो अब सवाल उठता है Black Hat SEO क्या है। दरअसल जब भी हम अपने post के लिए On-Page SEO करते है तो Google का अपना कुछ मापदंड है जिसको follow करना जरूरी होता है। अगर इस मापदंड को follow करके SEO करते है तो site पर traffic आने में थोड़ा वक्त लगता है, मगर ये तरीका स्थायी और site के भविष्य के लिहाज से फायदेमंद होता है। 

अगर कोई site owner इस मापदंड को follow न करे और अपने site पर traffic लाने के लिए गलत तरीके से SEO करे जिसको Google मान्यता नहीं देता, उसे ही Black Hat SEO कहते हैं। देशी भाषा में समझे तो ये एक जुगाड़ है, अवैध तरीके से अपने साइट पर ट्रेफिक लाना। 

इस तरह के SEO का प्रयोग अक्सर नये ब्लॉगर करते है। उनको थोड़ा धैर्य का अभाव होता है। जहां आठ-दश पोस्ट लिखा नहीं कि अपने site पर traffic देखना शुरू कर देते है। Black Hat SEO से तत्काल साइट पर traffic आने के chance तो बढ़ जाते है लेकिन इसका भविष्य में site पर बुरा असर पड़ता है। एकबार गलत तरीके से किया गया SEO Google कि नजर में आने पर site को search engine से ban कर दिया जाता है। 

इस तरह के SEO में readers के priority को ध्यान में न रखकर Googlebot  के search term का loop hole पे focus किया जाता search engine को चकमा देकर traffic बढ़ाया जा सके। 

इस तरह के strategy कुछ समय के लिए तो चल जाता है लेकिन लंबे समय के लिए ये कारगर नहीं है। Google के तरफ से penalties का खतरा बढ़ जाता है। 

Black Hat SEO के नुकसान 

जैसा कि आप जानते होंगे Google समय-समय पर अपने search Algorithm में परिवर्तन करता रहता है। जब कभी Google ऐसा करता है Black Hat SEO के शौकीन लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। 

Google के कुछ प्रशिद्ध Algorithm : 

  • Florida : ये keyword stuffing के लिए site को penalties करता है। 
  • Panda    : ये contents को पढ़ता है, गलत पाये जाने पर penalties करता है । 
  • Penguin : ये गलत तरीके के साथ किए गए page linking के लिए penalties करता है। 
जब कभी Google Black Hat SEO को penalties करने के अपने algorithm में changes करता है उस वक्त लाखों-करोड़ों साइट पे इसका असर देखने को मिलता है। जो कि google द्वारा सामूहिक रूप से किया जाता है। 

लेकिन अगर आप ये सोचते है कि जब algorithm में changes होगा तब देखेंगे तो आप गलत है। अगर कोई साइट owner इस तरह का black hat seo practice में लगा है तो पहले तो Google site पर traffic कम करता है और google search console के माध्यम से सूचित करता है कि आप इस कमी को दूर करे। अगर समझ गए तो इसको ठीक कर google को सूचित करना पड़ता है और traffic restore करने के लिए request किया जाता है। 

अगर नहीं सुधरे तो google ऐसे site को search engine से बाहर कर देता है। आप खुद कल्पना कर ले ऐसी परिस्थिति में उस साइट कि क्या दुर्गति होगी। Organic traffic बिलकुल बंद, आगे का परिणाम खुद सोच ले। 

Black Hat SEO से कैसे बचें  


ऐसे बहुत से काम है जो Black Hat SEO के तहत जल्दी traffic पाने के लिए किया जाता है : 

1. Keyword Stuffing : Post के लिए जिस keyword का चयन किया है उसको पूरे पोस्ट में कितनी बार प्रयोग करेंगे इसका एक मापदंड है। ये नहीं कि पूरे post में जहां तहां बिखेर दे। Limit से ज्यादा keyword का प्रयोग Keyword Stuffing कहलाता है । ऐसे पोस्ट को पढ़ने में readers भी बोर हो जाता है। गूगल इस बात का सलाह बिलकुल नहीं देता। 

एक ही word को बार-बार प्रयोग करने से अच्छा है बीच-बीच में मिलते-जुलते keyword यानि LSI का प्रयोग करें। 

2. Comment Spamming :  कभी- कभी auto generated comment spam site से आते रहते हैं।  कुछ लोग इस तरह के spam comment दूसरे के site पर दाल देता है। कुछ समय के लिए site owner को लगता है इससे फाइदा होगा, लेकिन आगे जाकर  इसका  गलत खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसलिए ऐसे spam कमेंट से बचना चाहिए । 

3. Cloaking :  इसमें आमतौर पर ऐसे trick का इस्तेमाल किया जाता 
है कि visitor को तो कुछ दिखाई देता है जबकि search इंजिन को कुछ और। एक तरफ जहां visitor को image दिखाई देता है वही दूसरी तरफ crawler को html code मे keyword दिखाई देता है। 

4. Hidden Text : ये भी कुछ cloaking जैसा ही है। इसमें text और link को काफी छोटे अक्षरों में लिखकर background colour में छुपा दिया जाता है ताकि readers को ये न दिख सके। इस तरह के text और link को केवल crawler ही पढ़ पाते है। 

5. Doorway Pages : ये एक तरह से फर्जी page है जिसे crawler को ध्यान में रखकर बानाया जाता है। इस तरह के page का visitor से कोई लेना-देना नहीं होता link create करने के लिए बनाए जाते है। 

6. Sneaky Redirect : कई बार किसी कारण बस readers को एक page से दूसरे page पर redirect किया जाता है, इसके कई  कारण हो सकते हैं, जैसे कि आपने एक page को delete कर दिया हो उस परिस्थिति में उस page के link को  दूसरे page पर redirect करते है। कई बार site का  नाम change कर देते है। लोग इसका भी misuse करने लगते है । 

7. Link Scheme :  Artificially किया गया कोई काम जिससे traffic पर असर पड़े black hat SEO में count होता है।  जानबूझ का  लिंक का मकरजाल बुनना ।  इसके  अलावे  भी कई गलत प्रैक्टिस है जैसे 

  • गलत तरीके से link कि खरीद - बिक्री करना 
  • cross link यानि link का दूसरे site के साथ आदान-प्रदान करना 
  • अपने keyword का anchor text डालकर Guest posting और article marketing करना 
  • software और App के द्वारा फर्जी link create करना 

8. Malicious Site Behavior  : ऐसे site जो गलत तरीके से malware सप्लाइ करते  हैं। 

इसके अलावे भी कई तरह के Black Hat SEO Practice है जिसको गूगल ban  कर रखा है, जैसे कि अपने competitor के साइट पर जान- बूझकर spam comment डालना इत्यादि । 

White Hat SEO के उदाहरण  

White Hat SEO, Black Hat SEO के उलट site पर traffic लाने का वो तरीका है जिसको google approve करता है। इसमें crawler के अलावा readers का भी ध्यान रखा जाता है। readers क्या पसंद करता है? हो सकता है इसमें traffic आने में थोड़ा वक्त लगे, लेकिन ये एक टिकाऊ तरीका है और कोई जोखिम नहीं है। White Hat SEO के कुछ उदाहरण :

1. Fair Content :  एक कहावत है content is king . माल अच्छा रहेगा तो ग्राहक उस  तक पहुँच  जाते हैं। इसी तरह post का content अच्छा रहेगा तो readers वहाँ तक पहुँच ही जाता है। अच्छे content  को crawler हमेशा page ranking  में प्राथमिकता देता है। 

मान लीजिये दो education related site है। एक पर केवल पिछले कुछ साल के question paper उपलब्ध है जबकि दूसरे पर question paper के साथ answer भी उपलब्ध है। visitor किस साइट को पसंद करेगा । 

2. Keyword Research: किसी भी पोस्ट को  लिखने से पहले Keyword Research  करना बहुत जरूरी है । इससे हमे अपने  post के keyword कि स्थिति, search competition, उससे मिलते-जुलते keyword का पता चल जाता है। अच्छे परिणाम के लिए का इस्तेमाल Longtail Keyword करना चाहिए।  

3. Keyword का इस्तेमाल : जिस keyword को लेकर पोस्ट लिख रहे हैं उसको व्यवस्थिति ढंग से प्रयोग करना चाहिए । Keyword प्रयोग  करने के कुछ प्रचलित मापदंड है जो इस प्रकार है:

  • Title के अंदर
  • Heading (H1)
  • First Paragraph 
  • Middle Post  
  • Conclusion 
  • Meta Tag 
  • Alt Tag 
  • Title Tag 

ध्यान रहे main keyword का प्रयोग एक से दो परसेंट तक होना चाहिए, इससे  ज्यादा नहीं। इससे ज्यादा कि जरूरत है तो LSI का उपयोग करे। 

4. Post Structure : ये भी एक white hat seo का अहम हिस्सा हैं। अक्सर लोग इसपर ध्यान नहीं देते। बस पोस्ट लिख देते है। एक SEO Friendly Post  लिखना कला है, जिसको समझना जरूरी है। ये वो चीज है जो readers को सीधे तौर पर आकर्षित करती है। 

5. Link Building : Link building को crawler और visitor दोनों पसंद करते है। इसके लिए Backlink  के strategy को समझना जरूरी है। 
बिल्डिंग SEO का एक अहम हिस्सा है।

6. Guest Posting :  किसी दूसरे site पर guest post लिखना और वहाँ अपना link छोड़ना। 


इसके अलावा review, interview आदि कुछ ऐसे तरीके हैं जिसके द्वारा authentic backlink create किए जा सकते है । 

क्या अच्छा हैं Black Hat SEO Vs White Hat SEO 

अब सवाल उठता है अच्छा क्या है? अगर तत्काल रिज़ल्ट चाहिए तो Black Hat SEO अच्छा है, लेकिन इसमें खतरे भी हैं। 

वहीं White Hat SEO traffic लाने में भले ही थोड़ा वक्त लेता है लेकिन है ये टिकाऊ। चुकी इसको readers के नजर में रखकर पोस्ट लिखा जाता है इसलिए इसके visitor permanent होते है और बार-बार आते है। Google के तरफ से भी ban होने का कोई खतरा नहीं रहता। 

आशा करता हूँ ये post आपको पसंद आया होगा। किसी भी तरह का confusion हो तो comment जरूर करे। अपने दोस्तों को share करें ताकि दूसरे भी लाभ उठा सके। 

  

7 comments:

  1. Ye bhot upyogi post thi.. mujhe bhot jankari mili isse

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    1. कमेंट के लिए धन्यवाद, उपयोगी पोस्ट के लिए subscribe करे। किसी खास विषय पर जानकारी चाहिए तो कमेंट करे।

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