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Krishna

Wednesday, June 17, 2020

google ranking kya hai kaise improve kare in hindi

Google Ranking क्या है, बिना penalty के कैसे Ranking को Improve करें?  


Google Ranking

हर एक व्यक्ति जो कोई अपना ब्लॉग या वैबसाइट शुरू करता है, उसका एक प्रयास होता है, पोस्ट Google search में पहले पेज पर कैसे rank करे। 

ऐसा होना स्वाभाविक है क्योंकि जबतक कोई पोस्ट पहले पेज पर rank नहीं करेगा, readers की नजर में नहीं आयेगा। अगर कोई पोस्ट readers की नजर में नहीं आता है तो एक ब्लॉगर का कोई भी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। 

चाहे उसका उद्देश्य अपने ब्लॉग या website से पैसा कमाना हो या अपने विचार लोगों तह पहुचाना। Infront नाम की एक website है जिसकी Study report बताती है कि किसी भी website पर जितने भी organic traffic आते हैं उसमें से 95% Google search के पहले पेज से आते हैं। बाकी के 5% अन्य पेज से। 

स्वाभाविक है आपने भी गौर किया होगा जब भी आप कुछ internet पर search करते हैं। ढेरों परिणाम आपके computer स्क्रीन पर दिखाई देते है, जिसमें से पहले पेज पर दिखाई देनेवाले कुछ sites पर जाकर अपने उद्देश्य को पूरा करते हैं। इसके लिए किसी अन्य पेज को नहीं खंगालते। 

जब से मैंने Search Engine Optimization [SEO] पर पढ़ना  शुरू किया है कभी भी search result के दूसरे पेज पर जाना मुनासिव नहीं समझा। 

अब सवाल उठता है वो कौन सा masic button है जिसको दबाने से हमारा post google के first page पर rank करे। यहाँ एक समस्या और आती है अगर हम ज्यादा कुछ तिक्रमबाजी करते है और गूगल algorithm को ये गलत लगता है तो वो इसे Black Hat SEO मानता है और हमारी website को penaltise कर देता है या index से बाहर कर देता है। जितनी भी मेहनत आपने की थी सब बेकार। 

सत्य बात तो ये है कि इसके लिए कोई magic बटन नहीं है। इसके लिए कठिन परिश्रम, धैर्य, दृढ़ इच्छा शक्ति या कहें कि एक जुनून कि आवश्यकता होती है। करना है तो बस करना है। 

बहुत से लोगों का मानना होता है कि एक ब्लॉग बनाकर उसपर पाँच-दस पोस्ट दाल दिया, उसके बाद जो करना है गूगल को करना है। यहीं कारण है कि वो इसपर मेहनत करने के बजाय कि पोस्ट rank कैसे करे, daily traffic के इंतजार में बिताते है। जब कुछ दिन रिज़ल्ट नहीं मिलता तो ब्लॉगिंग छोड़ किसी अन्य काम में लग जाते हैं। 

मुझे इस बात को समझने और इस पोस्ट को लिखने के लिए इंटरनेट पर कई पोस्ट खँगालने पड़े, लेकिन आपको खँगालने कि जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप इस पोस्ट को पढ़कर उसपर बताए गए tricks पर अमल करते हैं, विश्वास करें आपका पोस्ट गूगल के first page पर rank करेगा। 

मेहनत तो आपको करनी पड़ेगी। ब्लॉगिंग की दुनियाँ में hard work का कोई short cut नहीं है।  

मेरे हिसाब से ये समझने से पहले की अपने पोस्ट को first page पर  rank करवाने के लिए क्या-क्या करना है, ये समझना ज्यादा जरूरी है कि क्या नहीं करना है। 

बहुत से नये ब्लॉगर शुरू में ही इतनी गलतियाँ कर बैठते हैं कि उनके लिए वापसी का रास्ता नहीं बचता और वो blogging छोड़ देते हैं। 

अच्छा होगा कि आगे बढ्ने से पहले आप इस बात को समझें कि क्या-क्या नहीं करना है। इसके लिए आप आगे की लिंक पर जाकर इस पोस्ट को पढ़ें और उसपर अमल करें। नये Blogger की 12 गलतियाँ 

जब आपने शुरुआती गलतियों को समझ लिया तो अब इस बात को समझना सबसे जरूरी है कि किसी भी पोस्ट को rank करवाने में सबसे अहम रोल search engine के crawler का होता है, क्योंकि यही वो tool है जो किसी पोस्ट को search करता है।

इसलिए जरूरी है कि हमारा पोस्ट इस crawler के अनुकूल हो ताकि ये पोस्ट को सर्च कर first page पर rank करवा सके। इसको समझने के लिए इस बात को समझना जरूरी है कि Googlebot क्या है और ये कैसे काम  करता हैं। Googlebot Google के crawler का नाम है ।

इतना सब समझने के बाद अब stepwise ये समझते है कि पोस्ट को first page पर rank करवाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए या कहें पोस्ट का Google rank कैसे improve करें : 


  • Step #1:       Google ranking algorithm को जाने 
  • Step #2:       Blog के current ranking position को जाने 
  • Step #3:       अपने website को mobile friendly बनायें 
  • Step #4:       On-Page SEO करें  
  • Step #5:       Keyword Research करें 
  • Step #6:       LSI Keyword का इस्तेमाल करें 
  • Step #7:      Google penalty को solve करें   
  • Step #8:      Strong content लिखें  
  • Step #9:      Backlink Strong करें  
  • Step #10:    Bounce Rate कम करें 
  • Step #11:    Technical SEO को monitor करें 
  • Step #12:    Right Matrics को track करें 



Step #1:       Google ranking algorithm को जाने


इससे पहले की Google rank improves करने के  के लिए On-Page, SEO या Backlink वगैरह की चर्चा करें, हमें सबसे पहले Google ranking algorithm को समझना जरूरी है। 

ये algorithm क्या है? अगर इसको शाब्दिक रूप से ब्याख्या करें तो इसका अर्थ होता है कलन विधि। व्यवहारिक रूप से समझे तो किसी काम को पूरा करने के लिए क्रमवार तरीके से एक term निर्धारित करना। 

Google के अपने अनेकों algorithm है जो search ranking को प्रभावित करता है। आप Google algorithm को समझ नहीं रहे है और अपने स्तर पर seo करते जा रहे, backlink create करते जा रहे है। एक वक्त आता है जब algorithm में बदलाव होता है और आपके सारे किये पर पानी फिर जाता है। 

आपको शायद याद होगा 9 navember 2016 की रात। शाम के 8 बजे भारत के तात्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा एक घोषणा। रात 12 बजे के बाद 500 और 1000 के नोट बंद। क्या भगदर मची थी। एक रात के अंदर सारे currency रद्दी हो गए थे। 

यही हाल कुछ algorithm का है। जब Google का Panda algorithm पहली बार आया था, हजारों websites index से बाहर हो गए थे। Google ये काम बराबर करता रहता है। 

अगर Moz की माने तो Google साल में 500 से 600 बार अपने algorithm में बदलाव करता है। 

सबसे बड़ी बात है कि गूगल अपने algorithm के बदलाव के बारे में न तो किसी प्राकार कि बात करता है और न ही information को पहले लीक करता है। 

इसकी मुख्य वजह है google की ये सोच कि readers को बढ़िया से बढ़ियाँ कंटैंट उपलब्ध हो सके। 

अगर algorithm के बारे में लोगों को पहले से पता चल जाए फिर बहुत सारे ऐसे लोग होते है जो अपने पोस्ट को Black Hat SEO के सहारे rank करवा लेते हैं, भले उनका  content अच्छा न हो। एक कहावत आपने सुनी होगी "तू डाल-डाल तो मैं पात-पात"। यही बात यहाँ भी लागू होती है।

गूगल इसके लिए एक mission के तहत काम करता है ताकि useful information तक जरूरतमंद लोंगों कि पहुँच बन सके। Google's mission statement 

वैसे तो Google के सैकड़ों algorithm हैं, लेकिन उनमें से कुछ काफी famous हैं, जिनमें समय-समय पर बदलाव होते रहते है और ये हमारे search ranking को प्रभावित करते हैं। 

कुछ famous algorithm इस प्रकार हैं: 


  • Mobile Friendly Update [ April-2015]  आज के दौर में बहुत कम लोग हैं जो इंटरनेट  पर कुछ खोजने के लिये computer या laptop का इस्तेमाल करते हैं। आज का जमाना mobile का है। लोग चलते-फिरते बहुत सारा काम निबटाते हैं। ये algorithm इसी  चीज को देखता है। अगर कोई site मोबाइल friendly नहीं है तो search ranking में priority नहीं देता। 
  • Pigeon [July-2014] यह लोकल सर्च result को दिखाता है, जैसे Goolge Map. अगर आपका पोस्ट किसी क्षेत्र  विशेष से संबन्धित है  तो यहाँ इसका काम अहम हो जाता है। 
  • Hummingbird [August- 2013] ये पोस्ट word accuracy, keywords, content कि quality आदि को चेक करता हैं। 
  • Penguin [April-2012] ये backlink को चेक करता है। अक्सर लोग पोस्ट को rank करवाने के लिये गलत तरीके से linking करते हैं। ये इसी चीज को ढूँढता है। 
  • Panda [Febraury-2011]आज के दौर में गूगल का सबसे महत्वपूर्ण algorithm है। ये किसी भी प्रकार कि spamming को रोकता है। 

ऐसे कई और algorithm हैं जिनमें समय -समय पर महत्वपूर्ण बदलाव होते रहते है जिससे कि search ranking कि quality में सुधार हो। 

अब इन सारे बदलाओं को track करना और हिसाब रखना एक कठिन कार्य है। 

इसके लिये कुछ ऐसे resources हैं जिनकी सहायता से इसपर नजर रखी जा सकती है। Moz's Google algorithm change history, Google webmaster central, The webmaster इस काम को आसान बनाते हैं। 

एकबार Google Algorithm के बारे में basic जानकारी ले लेने के बाद अब हम इस बात कि चर्चा करेंगे कि पोस्ट को ranking कैसे improve किया जाए। 


Step #2:    Blog के current ranking position को जाने 


इससे पहले की हम आगे बढ़ें और जाने की site की Google  ranking कैसे improve की जा सकती है, ये जानना जरूरी है कि इस वक्त आपकी site किस position में हैं। इसमें कुछ चीजों को जानना बेहद जरूरी है। 

 Checker Tool Keyword Rank

इसकी सहायता से आप केवल अपना ही नहीं बल्कि अपने competitor की भी ranking keyword के बारे में जान सकते हैं। वैसे तो मार्केट में इस तरह के बहुत से tool उपलब्ध हैं लेकिन ahrefs  को सबसे बढ़ियाँ माना जाता है। 

अपने site की स्पीड चेक करें 

अक्सर लोग अपने website की loading speed पर ध्यान नहीं देते, जबकि SEO में या कहें Google ranking में ये एक अहम role निभाता है। 

आजकल लोगों को इतना धैर्य नहीं की वो किसी site पर क्लिक करे और loading के लिए मिनटों इंतजार करें। आप खुद गौर करके देखिये कई बार ऐसा हुआ होगा जब आप किसी site पर क्लिक किए होंगे, जैसे ही लोडिंग में 5-7 seconds लगा नहीं की आप उस साइट को छोड़ देते हैं। 

किसी भी website की loading speed major Google ranking factor हैं। 

बाजार में कई ऐसे tool उपलब्ध हैं जिनकी सहायता से अपने website की speed चेक कर सकते हैं और अगर कमी पाई जाती है तो उसको दूर कर सकते हैं। 


एकबार pingdom की सहायता से ये जानते हैं कि site की speed कैसे चेक करेंगे। 

इसके लिए सबसे पहले tools.pingdom.com browser में type कर enter करेंगे। उसमें अपने website का url और test from में area select करेंगे, जो इस प्रकार दिखेगा। 

webstite speed test


जैसा की आप नीचे के result में देख रहे हैं performance grade 67 है। ये 50 से जितना ऊपर होगा उतना ही अच्छा है। अगर result 50 से नीचे है फिर चिंता का विषय है। 

website speed result


अपने website का health check करें 

Ranking और speed check करने के बाद rank improve करने के लिये जरूरी हो जाता है कि अपने website का हैल्थ चेक करें । 

कुछ ऐसी बातें जिसको समय-समय पर चेक करना जरूरी होता है जैसे कि क्या लगातार traffic कम होता जा रहा है। कहीं किसी पोस्ट को Google deindex तो नहीं कर दिया है। 

कई सारे ऐसे टूल है जिसकी सहायता से हम यह काम कर सकते है। Mx toolbox उन में से एक है जिनकी सहायता से Domain Health Report check कर सकते हैं। ये पाँच category में रिपोर्ट दिखाता है, जैसे- General site problem, blacklist, mail server, web server और DNS. 

Domain health report for ranking

आप हरेक category पर क्लिक करके detail रिपोर्ट देख सकते हैं और errors को solve कर सकते हैं। 

कई बार ऐसा होता है कि किसी algorithm के द्वारा website को penalties कर दिया जाता है और हमें पता ही नहीं चलता। इसको हम FE Internal के website penalty checker tool के द्वारा देख सकते हैं। 

इसके अलावा किसी domain का age भी Google ranking में अहम रोल निभाता है। एक 6 महिने पुराना डोमैन और दूसरा दो साल पुराने डोमैन की ranking बराबर नहीं हो सकता। 


 Search  algorithm domain के age को देखता है और उसी के हिसाब से value देता है। 


SerpIQ के एक servey रिपोर्ट से इस बात को समझा जा सकता है। 


google ranking factor


Step #3:  अपने website को mobile friendly बनायेँ 

आज का समय मोबाइल का है। हर हाथ में mobile फोन है, लेकिन हरेक के पास लैपटाप या desktop नहीं है। अगर है भी तो लोगों के पास इतना समय नहीं की घर या office में बैठकर फुर्सत के साथ internet पर कुछ पढ़ा जाए या देखा जाए। 

आजकल लोग चलते-चलते पढ़ना पसंद करते हैं। ऐसे में किसी वैबसाइट का मोबाइल friendly होना बहुत ही जरूरी हो जाता है। Google ranking में इस बात का खास महत्व है। 


Smart insights के एक survey रिपोर्ट से इस बात को अच्छी तरह समझा जा सकता है। 


Google ranking factor

Google Mobile Friendly Test tool से आप ये पता लगा सकते है कि आपका website mobile friendly है या नहीं। तरीका बहुत आसान है
website पर जाकर अपना url टाइप करे और test run पर क्लिक कर दें। 

Result येस या नो में आएगा। साथ में अगर कोई loading issue है तो वो भी दिखाई देगा, जिसको आप अपने स्तर पर ठीक कर सकते है। 


अगर आपका वैबसाइट mobile friendly नहीं है तो जरूरी हो जाता है कि सबसे पहले ये काम पूरा करें। इस कमी को Mobify, Duda Mobile जैसे टूल से दूर किया जा सकता है।  


ये दोनों टूल कॉमन है जिसको कहीं भी use किया जा सकता है, इसके अलावा अगर site wordpress पर है तो WPtouch plugin और अगर Drupal पर है तो Themekey और Zoomla पर है तो Responsivizer जैसे plugin का इस्तेमाल कर सकते है। 


इन सबके अलावा आपका site  mobile पर कैसे अच्छा performance कर सकता है इसके लिए Google के टिप्स ले सकते हैं। How to improve website ranking on mobile 




Step #4:       On-Page SEO करें


जब भी site पर organic traffic की बात आती है, किसी से भी पुछो traffic कैसे लायें? सीधा जबाव मिलेगा SEO करो। सत्य बात ये है कि हम वैबसाइट पर traffic लाने के लिए जो कुछ भी काम करते है सब SEO है। 

साइट पर traffic कब आयेगा, जब पोस्ट google ranking में पहले page पर रहेगा। जैसा कि मैंने पहले भी बताया था site पर जितने भी traffic आते है उसमें से 95% पहले page के rank से आते है। 

आम तौर पर SEO को भी दो भागों में बाटा गया है। On-Page SEO और Off-Page SEO. 

अगर देखा जाए तो जब हम ब्लॉग तैयार कर पोस्ट लिखना शुरू करते है, उसी समय seo भी करना शुरू कर देते है। पोस्ट लिखने के साथ जो seo करते है उसे ऑन-Page seo कहते हैं। 

Google ranking में इसका बहुत महत्व है। हमने सब तरह से SEO कर लिया लेकिन on-page seo नहीं किया, फिर google ऐसे page को इतना तवज्जो नहीं देता। 

वैसे तो on-page seo के तहत कई तरह के काम करने होते है लेकिन मुखय रूप से जो काम है वो Meta Tag Description, title description और search description है। 

जब कोई visitor google search में कुछ लिखता है तो Google crawler सबसे पहले इन्ही तीनों चीजों पर फोकस करता है। 

Meta tag से गूगल को पता चलता है कि website किस बारे में हैं। keyword का सही इस्तेमाल title tag और search description में होना चाहिए। 

Google title को पोस्ट में ऊपर से नीचे कि तरफ चेक करता है। यानि आपका target keyword जितना ऊपर रहेगा उसको उतना ज्यादा advantage मिलता है। 

Google keyword search term

इसके अलावा google लंबे पोस्ट को ज्यादा महत्व देता है। जितनि ज्यादा पोस्ट कि लंबाई होगी, उतना ज्यादा स्पष्ट content. यही कारण है कि पोस्ट ranking में इसके chance ज्यादा होते है।

Content length 

कुछ  ऐसे भी sites या पोस्ट होते है जहां long content का महत्व नहीं होता, जैसे कोई Ecommerce company. यहाँ से लोगों को prodecut खरीदना होता है। ऐसे sites पर contents कि जरूरत बहुत कम होती है। बिना जरूरत के कंटैंट का इस्तेमाल करते है फिर वो बोरिंग हो जाता है। 


अगर आप इंग्लिश पढ़ने के शौकीन है तो Backlinko का 16 on-page seo factors के page पर जाए। 


अपने website का sitemap create करें 


Sitemap search engine को website के के बारे में clear layout देता है जिससे कि google को index करने में कोई दिक्कत नहीं होती। 

अपने website का sitemap create करने के लिए XML-Sitemap.com पर जाकर ये काम कर सकते हैं। 


Step #5:    Keyword Research करें



Keyword research seo का शुरुआती काम है। हमने कोई एक पोस्ट लिखकर पब्लिश तो कर दिया। Readers हमारे पोस्ट तक पहुचेंगे कैसे। 

आपके लिए ये जानना जरूरी है कि audience आपके साइट तक पहुचेंगे कैसे। इसके लिए keyword research करना जरूरी है। Audience क्या लिखकर आपके पोस्ट को सर्च करेंगे। 


आमतौर पर keyword research का दो फॉर्मूला चलता है। पहला पोस्ट लिखना, फिर उस पोस्ट के लिए keyword research करना। दूसरा पहले keyword research करना, फिर उसपर पोस्ट लिखना। 


पहला formula वो अपनाते है, जो अपने knowledge दूसरे को share करना चाहते है। वो demand नहीं देखते। जबकि दूसरा फॉर्मूला वो अपनाते है जो demand के हिसाब से keyword रिसर्च करते है फिर उस demand को पूरा करने के लिए पोस्ट लिखते है। 


Keyword research के लिए मार्केट में कई paid और free टूल उपलब्ध है। 

Ubersuggest free टूल से ये काम आप आसानी से कर सकते हैं। 

Research करने का बहुत ही simple तरीका है। Ubersuggest कि site पर जाकर Keyword लिखकर enter दबाएँगे, फिर Keyword idea पर क्लिक करेंगे। ये पूरे महीने का data दे  देता है।


अपने competitor पर रखे निगाह  


अगर आपके competitor का keyword Google पर अच्छा rank कर रहा है तो उसपर निगाह रखने में कोई बुराई नहीं है। वैसे बड़े-बड़े ब्लॉगर अपने competitor के high ranking keyword को चोरी कर उसपर पोस्ट लिख डालते हैं। अगर आप ऐसा करेंगे तो कोई गुनाह नहीं करेंगे। इसके लिए Google Keyword Planner सबसे  अच्छा टूल है जो फ्री है। 


ये काम आप Ubersuggest से भी आसानी से कर सकते है। इसके लिए कुछ ज्यादा करने कि जरूरत नहीं है। Ubersuggest कि site पर जाकर अपने competitor का url डालें और enter करें। जो-जो keyword high rank कर रहा है सब सामने आ जाएगा। साथ में volume, position और estimated visits. 


Popular Keywords vs Longtail Keyword  


जब भी keyword research करें longtail keyword को न भूलें। आज के समय में 75% traffic longtail keyword से आते है। 

Rand Fishking of Moz के एक रिपोर्ट से ये बात साफ हो जाती है कि  80% trafffic longtail keyword से आता है और ये हमारी page ranking में improve करता है। 

traffic by longtail keyword



Step #6:       LSI Keyword का इस्तेमाल करें


LSI Keyword को समझना बहुत ही जरूरी है। ये एक seo tactic है। keyword research कर लेना ही काफी नहीं होता, उसका सही प्रयोग कैसे करेंगे ये जानना भी जरूरी है। पूरे पोस्ट में कितना प्रतिशत keyword का इस्तेमाल करेंगे, कहाँ-कहाँ करेंगे, ये भी मायने रखता है। 

एक लिमिट से ज्यादा keyword का इस्तेमाल stuffing माना जाता है Google ऐसे sites को penalties कर देता है। इससे बचने के लिए LSI keyword का इस्तेमाल किया जाता है। 


LSI का full form होता है Latent semantic indexing. देशी भाषा में समझें तो Keyword से मिलते-जुलते word. LSI keyword के दो फायदे  है। पहला keyword stuffing से बच जाते है। दूसरा हम जो keyword use कर रहे हैं जरूरी नहीं हर visitor उसी keyword से post ढूँढे। कई लोग मिलते-जुलते keyword का इस्तेमाल करते है। इस तरह हम जितने ज्यादा LSI keyword का इस्तेमाल करते है, ranking कि संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है। 

यहाँ Cold Brew Coffee के कुछ LSI दिये गए हैं। 

LSI keywords फॉर higher rank इन google   


LSI keyword google को बताता है कि post किस keyword से related है। 
Google also scan LSI keywords
LSI keyword कहाँ से मिलेगा और इसका इस्तेमाल कैसे करेंगे? इसके LSI Graph free tool उपलब्ध है। 


Step #7:      Google penalty को solve करें


"एक बीमार घोडा कभी भी दौड़ नहीं लगा सकता"। इससे पहले  की हम Google ranking की दौड़ में शामील हों ये पता करना जरूरी हो जाता है कि कहीं गूगल ने हमारी साइट को किसी बात के लिए penalties तो नहीं कर रखा अथवा कोई issue तो नहीं। ये जानने के लिए सबसे आसान तरीका है कि हम समय-समय पर Google search console को देखते रहें। अगर कोई इशू है तो पहले उसे ठीक करे। 

कई बार हम जाने-अनजाने ऐसी गलतियाँ कर बैठते है जिसके कारण गूगल हमारी साइट को penalties कर देता है। 

अक्सर लोग जलद्वाजी के चक्कर में, बिना मेहनत किये सफलता अर्जित करना चाहते है। ऐसे लोग अपना पोस्ट नहीं लिखकर दूसरे के पोस्ट को कॉपी-paste करते है। उन्हे ऐसा लगता है गूगल को क्या पता। 

ऐसी मानसिकता सदैव हानिकारक सिद्ध होती है, गूगल algoridhm हमसे ज्यादा स्मार्ट है। इसके अलावा low quality backlink और कॉपी right image कुछ ऐसी चीजें हैं जिसमें सावधानी बरतने कि जरूरत होती है। 

कई लोग अपने website पर इमेज का इस्तेमाल करने के लिये गूगल पर सर्च कर इमेज download करते है और अपने वैबसाइट पर डाल देते हैं। 

इससे दो तरह का नुकसान है, पहला गूगल कि नजर में आने पर penalty  होने का डर और दूसरा अगर image का copy right तो कानूनी पचड़े में फसने का डर।  

Step #8:      Strong content लिखें


Blogging के क्षेत्र में एक कहावत है "Content is king". सबकुछ कर लिया लेकिन content strong नहीं है तो सब बेकार। ऊपर हमने जितनी भी technic कि चर्चा कि है सब search engine को लेकर है। 

Conent एक ऐसा technic है जिसको दोनों search engine और readers दोनों के स्तर पर देखा जाता है। एक readers को क्या चाहिए? अच्छा content जो उसकी आवश्यकता को पूरी करता हो। अगर ऐसा होगा तभी वो पोस्ट पर टिकेगा और दोबारा आएगा भी। Gooogle का panda algoridhm भी इसी मकसद से काम करता है। 

Content के स्तर पर हमें कई काम करने पड़ते हैं, जैसे content matter, image, keyword का सही इस्तेमाल, इत्यादि। इसके लिए जरूरी है कि हम SEO friendly blog post लिखें। 

हम कोई भी पोस्ट किस मकसद से लिखते हैं? Readers कि जरूरत को पूरा करने के लिये। हमें ये कैसे पता चलेगा कि हमारा content इस जरूरत को पूरा करता है कि नहीं? 

इसका सबसे अच्छा तरीका है कि हम अपने आप को readers की जगह पर रखकर पोस्ट पढ़ें और फिर निष्पक्ष होकर सोचें कि हमने जिस purpose के लिये पोस्ट लिखा है उसको ये पूरा करता है कि नहीं। 

इसका एक दूसरा तरीका ये भी है कि हमने जिस keyword पर पोस्ट लिखा है उसको एकबार गूगल में सर्च करे। Top position पर जो भी पाँच पोस्ट आते हैं, उसको पढे। फिर उससे बेहतर content लिखने कि कोशिश करे। अगर लगता है कि कोई point इन पांचों पोस्ट में छुट रहा है तो इसे अपने पोस्ट में जरूर डालें।  


Step #9:      Backlink Strong करें


Backlink creat करना एक ऐसा काम है जो हमें Goggle ranking को improve करने के अलावा Domain Authority को भी improve करने में भी सहायता करता है। यही एक अकेला काम है जो हम On-Page seo के साथ -साथ Off-page seo के लिये भी करते है। Backlink के बिना हम Google ranking के बारे में सोच भी नहीं सकते। 

यही कारण है कि जब हम seo करते है तो backlink को सबसे ऊपर रखते है। Strong backlink Google को ये संदेश देता है कि इस website पर इस पोस्ट के अलावा भी related contents है। इसके अलावा जब भी कोई visitor site पर आता है उसे link के माध्यम से अन्य content की जानकारी मिलती है, जिसमें कुछ उसके काम के हो सकते हैं। 


इससे readers को हमारे site पर ज्यादा देर टिकने को वाध्य होना पड़ता है अथवा वो दोबारा लौटकर आता है। अगर हमारा content बढ़ियाँ हैं और backlink में भी अच्छे पोस्ट अथवा साइट है तो बहुत सारे visitors हमारे permanent reader बन जाते है। 


Backlink को हम मुख्यतः दो भागो में बाटते है। 


Internal Backlink 


इसमें हम अपने website के अंदर एक पोस्ट को दूसरे पोस्ट के साथ लिंक करते है। इसका फायदा ये होता है कि readers को related पोस्ट की  जानकारी मिल जाती है। 


Internal linking में एक बात पर ध्यान देने कि जरूरत होती है कि link हमेशा related पोस्ट के साथ होना चाहिए न कि किसी भी पोस्ट के साथ। कभी भी कोई reader जब लिंक के माध्यम से दूसरे पोस्ट पर जाता है तो वो कुछ भी पढ़ना पसंद नहीं करेगा। ऐसे में पोस्ट उसके मतलब का नहीं है तो वो irrritate हो जाएगा। 


हमें नहीं पता उसे क्या पसंद है। वो हमारे पोस्ट तक अपने मतलब कि चीज search कर पहूँचा है। ऐसे में हम उसके search रिज़ल्ट को और strong करने के लिये पोस्ट में इंटरनल लिंकिंग करते है। 


External Backlink 


External backlink में हम अपने एक website का लिंक दूसरे website के साथ करते है। इससे एक तो search ranking में सुधार होता है दूसरा अगर हमारी साइट ranking में नहीं भी आता है तो दूसरे website से traffic आने के chance बढ़ जाते है। 


WordPress कि एक रिपोर्ट बताती है कि हर महीने 70 million new post पब्लिश होते है। ऐसे में हम सहज अनुमान लगा सकते है कि हम कहाँ खड़े हैं। ये ऐसे ही है जैसे समुद्र के अंदर एक बूंद पानी। 


WordPress – Monthly new blog posts


वैसे तो external backlink create करने के कई तरीके है। कुछ ऐसे हैं जो ज्यादा लोग अपनाते है जैसे Broken link  ढूंढकर उसके साथ लिंक create करना, Guest posting करना , दूसरे के  पोस्ट पर  comment कर लिंक डालना, Blog directory में अपने site को सबमिट करना इत्यादि। 



Step #10:    Bounce Rate कम करें


Bounce Rate क्या है? इस चीज को समझना बहुत जरूरी है। 

आमतौर पर जब कोई visitor किसी link के माध्यम से किसी साइट के एक पोस्ट पर जाता है और उसी पोस्ट से साइट के बाहर निकल जाता है, यानि किसी दूसरे पोस्ट के लिंक पर क्लिक नहीं करता तो उसे bounce rate कहते है। दूसरी बात इसमें किसी visitor का किसी साइट पर टिकने का टाइम duration भी देखा जाता है। 

Bounce rate का criteria हर तरह के वैबसाइट के लिये अलग-अलग है। गूगल इस बात को कभी पसंद नहीं करता की कोई visitor साइट पर आये  और  उसी पोस्ट से वापिस हो जाये या बिना पोस्ट को पढ़ें वापिस हो जाये। इसका मतलब है आपका पोस्ट readers के demand पर खड़ा नहीं उतरता। ऐसे site को गूगल ranking से दूर रखता है। 

इस बात को समझना बहुत ही जरूरी है कि visitors क्या चाहते है और हम क्या दे रहे हैं। आखिर क्यों कोई visitor page पर आकर बिना पोस्ट को पढे वापस हो जाते है। 

कुछ ऐसे tips है जिसपर काम करके bounce rate को कम किया जा सकता है। सबसे पहले तो above the fold section पर जाकर देखें। 

जब कभी कोई visitor किसी लिंक के माध्यम से साइट पर आता है तो स्वाभाविक रूप से पोस्ट के top position पर आता है। ऐसे में हमारा सबसे पहला काम होता है कि top position स्पष्ट और आकर्षक होना चाहिए। visitor को attract करने के लिए कुछ free उपलब्ध कराये तो सोने पे सुहागा। 

मैंने देखा है नए bloggers facebook group पर अक्सर traffic exchange करते है। तुम मेरे page को visit करो और बदले में मैं तुम्हारे page पर visit करूंगा। आप माने या न माने ये trend भविष्य में हमारे साइट के लिए बहुत ही खतरनाक होता है। 

मैंने खुद ये काम दस दिन करके देखा। आमतौर पर मेरे साइट का बाउन्स rate जहां 50% के आसपास रहता था, जैसे ही दो दिन लिंक share किया bounce rate 80% से ऊपर चला गया। 

इस काम में कोई किसी के पोस्ट को पढ़ता नहीं केवल पोस्ट पर जाकर 10 seconds में वापस हो जाता है। 

अपने page का navigation अच्छा रखे। अगर पोस्ट लंबा है तो जरूरी नहीं हरेक reader पूरे पोस्ट को पढे। कुछ reader point to point पढ़ना पसंद करते हैं। कुछ selected पॉइंट यानि अपने जरूरत के पॉइंट को पढ़ते है। 

page के ऊपरी भाग में table of contents रहने से readers को अपने  जरूरत के points को पढ़ने में सहायता मिलती है। इसके लिए उन्हें scrolling नहीं करनी पड़ती और अपने जरूरत के content तक एक क्लिक के माध्यम से पहुँच जाते है। 


Step #11:    Technical SEO को monitor करें


अक्सर लोग page का seo करने के चक्कर में technical seo को भूल जाते है। Technical seo यानि साइट से related  कोई technical error। इसके लिए जरूरी है कि हम Google search console aur Google analytics को हमेशा track करते रहें। 

आमतौर पर error check करने के लिए Search console का उपयोग करते है।  

Search console के sidebar में Index के नीचे Coverage पर क्लिक करने से बेसिक जानकारी मिल जाती है। 

Google Search Console – Coverage

अगर search console को कोई trouble दिखता है तो हमें notification दिखाई देता है। 
जैसा कि नीचे के इमेज में देख सकते है एक warning दिखाई दे रही है लेकिन error zero है। 

Google Search Console – Warnings

Blogger में ये errors हमें अपने स्तर पर mannualy ठीक करना पड़ता है जबकि WordPress पर इस काम को करने के लिए Yoast SEO Plugin बहुत ही कारगर है। 

ये कोई जादू नहीं करता बल्कि इसकी सहायता से हम अपने site को SEO Friendly बना सकते हैं। 


Yoast SEO




Step #12:    Right Matrics को track करें 



इस बात को समझना बहुत ही जरूरी है कि किस channel से कितने ट्रेफिक आ रहे है, खासकर Google search के माध्यम से। Brightedge की एक study बताती है कि किसी भी साइट पर 51 % traffic organic search से आती है। जबकि social media से केवल 5%। इस तरह हम कह सकते है कि अभी भी organic search ही traffic का मुख्य source है।

एक study को अगर देखा जाए तो media और entertainment को छोडकर अन्य sites के लिए organic search ही traffic का मुख्य source है। 

Organic search ratio   
Google Analytics हमें traffic source कि विस्तृत जानकारी देती है। इस matrics को सही से जानने के लिए seo dashboard का सहारा ले सकते है। 

Organic traffic को improve करने के लिए keyword के nature को भी समझना जरूरी है। आमतौर पर keyword को दो वर्गों में बाटा गया है। 
Commercial keyword और informational keyword. 

अगर keyword किसी product के sale - purchase से related  है तो उसे commercial keyword कहते है। वैसे ही अगर keyword केवल information से जुड़ी है तो उसे informational keyword कहते है। ऐसे keyword आमतौर पर who, what, where, whom, why इत्यादि से शुरू होते है। 

Conclusion 

ये जान लेने के बाद कि Google ranking क्या है और इसे कैसे improve करे,  एक बात और समझ लें की  ये कोई जादू नहीं बल्कि इसके लिए मेहनत करनी पड़ती है। 
इसको अगर हम serialy लें तो सबसे पहले जरूरी है कि हम audience को target करें। हमें किसके लिए post लिखना है। फिर हम उसकी जरूरत को समझें। 

एक बार ये पता चल जाए फिर उसके हिसाब से strong content लिखें। content लिखना ही काफी नहीं होता। एकबार जब content लिख लें फिर इसपर फोकस करें कि ये page ranking में कैसे आयेगा? इसके लिए वो सारा funda अपनाए जो ऊपर बतलाया गया है। 

मैंने अपने स्तर पर इस पोस्ट को बेहतर से बेहतर बनाने कि कोशिश कि है। आशा है आपको पसंद आया होगा और आप लाभ उठाएंगे। इसको share करें ताकि दूसरे भी लाभ उठा सके। एक कमेंट जरूर करें।  

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